अपना घर सेवा सन्स्थान आपका स्वागत करता है

आज की वर्तमान सामाजिक विकास की प्रक्रिया में जीवन-मूल्यों के साथ-साथ व्यक्ति का भी व्यवसायीकरण हो गया है। मनुष्य यन्त्र के सामान कार्य करने को मजबूर हो गया है।

ऐसे में वह घर-परिवार खासकर वृद्ध माता-पिता की अपेक्षित सेवा, देखभाल करने के उत्तरदायित्व को बखूबी निभाने में सर्वथा असमर्थ हो गया है, यघपि उसकी भावना बुरी नहीं होती परन्तु जीवकोपार्जन तथा भावी पीढ़ी के निर्माण में अतिव्यस्तता उसे वृद्धजनों से दूर कर देती है, लाजिमी है की वृद्धजन भी अपने आप को असहाय महसूस करते हैं, वे हीन भावना से ग्रसित जीवन को बोझ समझ लेते हैं।

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Happy Hearts

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Beds Available

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Dedicated Staffs

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Smiling Faces